भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार और बुनियादी ढांचे में सहयोग का विस्तार, 100 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊंचाई देने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का भारत में स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच लागू किए गए ऐतिहासिक ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट की सराहना की। यह यूरोप के किसी भी इकोनॉमिक ब्लॉक के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। इस समझौते के माध्यम से अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि स्विट्जरलैंड में भारतीय कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात के लिए मार्केट एक्सेस बढ़ाने के निर्णय लिए गए हैं। साथ ही, बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में स्विस निवेश को आकर्षित करने की योजना है।
रक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में, दोनों देशों ने मिलिटरी एक्सचेंज और डिफेंस प्रोडक्शन में सहयोग की संभावनाओं की पहचान की है और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने वाराणसी रोप-वे और नोएडा के जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए स्विस कंपनियों को भारत में बड़े स्तर पर निवेश और डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, हेल्थ, क्लीन एनर्जी और स्पेस जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नए संयुक्त अनुसंधान प्रोजेक्ट लॉन्च किए जाएंगे। साथ ही, भारतीय साइंस स्टार्ट-अप्स की क्षमता निर्माण के लिए ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौते का स्वागत किया गया। योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
युवाओं और पेशेवरों के लिए माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट तथा यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट के माध्यम से स्विट्जरलैंड में नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, 7 अक्टूबर को भारत-एफ्टा बिजनेस लीडर्स के साथ एक "प्रॉस्पेरिटी समिट" का आयोजन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यूक्रेन और पश्चिमी एशिया के मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रयासों का समर्थन किया। उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया। अंत में, उन्होंने आगामी "जिनेवा AI समिट" के लिए स्विट्जरलैंड को शुभकामनाएं दीं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिम्मेदार और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में साथ काम करने की बात कही।


