राष्ट्रीय फेलोशिप ने बदली बालामुरुगन की जिंदगी, आर्थिक तंगी के बावजूद बने वैज्ञानिक और प्रकाशित किए 28 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय फेलोशिप की मदद से अनुसूचित जाति वर्ग के बालामुरुगन एस. ने अपनी डॉक्टरेट पूरी की और वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता वंचित समुदायों के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय फेलोशिप के माध्यम से 35 वर्षीय श्री बालामुरुगन एस. ने आर्थिक बाधाओं को पार कर वैज्ञानिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। देवेंद्र कुला वेल्लार समुदाय से संबंधित और अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी बालामुरुगन वर्तमान में भौतिक विज्ञान के गेस्ट लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं। वे अपने परिवार की कई पीढ़ियों में पहले स्नातक और एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है।
वैज्ञानिक अनुसंधान की राह में आर्थिक कठिनाइयां एक बड़ी चुनौती थीं, जिसे राष्ट्रीय फेलोशिप के सहयोग से दूर किया गया। वर्ष 2017 से 2020 तक की फेलोशिप अवधि के दौरान, उन्हें पहले दो वर्षों में 25 हजार रुपये प्रति माह और अगले दो वर्षों में 31 हजार रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस सहायता ने उन्हें अपने शोध के प्रति पूरी तरह समर्पित होने का अवसर दिया।
इस फेलोशिप की मदद से बालामुरुगन ने रसायनों के साथ-साथ एक्स-रे डिफ्रैक्शन (XRD), एक्स-रे फोटोइलेक्ट्रॉन स्पेक्ट्रोस्कोपी (XPS), रोगाणुरोधी अध्ययन और चुंबकीय अध्ययन जैसी उन्नत तकनीकों पर विशेष अनुसंधान किया। उन्होंने “कैडमियम ऑक्साइड नैनोपाउडर्स” पर एक शोध पत्र प्रकाशित किया, जिसे वे इस विषय पर दुनिया का पहला शोध पत्र बताते हैं। अपने निरंतर शोध कार्य के माध्यम से वे अब तक कुल 28 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं।
अपनी यात्रा के बारे में श्री बालामुरुगन ने कहा, “राष्ट्रीय फेलोशिप मिलने से मुझे वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए पूरी तरह समर्पित होने में आवश्यक सहायता मिली। इससे मुझे अपना शोध पूरा करने और 28 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित करने में मदद मिली।” बालामुरुगन की यह सफलता दर्शाती है कि समय पर मिलने वाली वित्तीय स्थिरता वंचित समुदायों के प्रतिभाशाली छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देने के लिए सक्षम बना सकती है।


