सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने दीव में पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया
मंत्रालय ने पश्चिमी क्षेत्र की प्रमुख कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव (डीएनएचएंडडीडी) केंद्र शासित प्रदेश में एक दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा बैठक (आरआरएम) आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के पश्चिमी क्षेत्र में सामाजिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा करना था।
बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने की। इस आयोजन में राजस्थान, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक डीएनएचएंडडीडी केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य मंत्रालय, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के बीच संस्थागत तालमेल को मजबूत करना है। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण कार्यक्रमों का कार्यान्वयन पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम-उन्मुख होना चाहिए, ताकि शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक के दौरान कई प्रमुख कार्यक्रमों की विस्तृत योजना-वार समीक्षा की गई, जिनमें प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई), नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 और नशीली दवाओं की मांग कम करने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 'नशा मुक्त भारत अभियान' (एनएमबीए) के साथ समन्वय और कानूनी सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन का भी आकलन किया गया।
विचार-विमर्श के दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं, अटल वायु अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) और नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (एनएएमएएसटीई) जैसी पहलों पर चर्चा हुई। एनएएमएएसटीई के तहत सफाई कर्मचारियों की प्रोफाइलिंग, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण और शून्य मृत्यु सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
बैठक के समापन सत्र में कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने, आउटरीच में सुधार और लाभार्थी पहचान की कमियों को दूर करने के लिए विशिष्ट कार्य बिंदुओं की पहचान की गई। सचिव सुधांश पंत ने सभी प्रतिभागियों को 'सीनियर सिटिजन शपथ' और 'नशा मुक्त भारत अभियान शपथ' दिलाई, जिसमें उन्होंने 'नशा मुक्त विकसित भारत' के लिए संपूर्ण समाज और सरकार के साझा नजरिए को अपनाने पर जोर दिया।
