सेमीकॉन इंडिया 2026: भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन में बन रहा वैश्विक साझेदार, ISM 2.0 पर जोर
नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ISM 2.0 के माध्यम से भारत को एक 'उत्पाद राष्ट्र' बनाने और वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत करने का विजन साझा किया।

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2026' के दूसरे दिन नीति-निर्माताओं, वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गजों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और छात्रों ने विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला, चिप डिजाइन और अत्याधुनिक पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत को एक एकीकृत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स' तंत्र के रूप में विकसित करना है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) अब इरादे से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन के चरण में पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि ISM 1.0 ने अपने छह साल के लक्ष्यों को केवल चार वर्षों में ही प्राप्त कर लिया है। अब ISM 2.0 के माध्यम से डिजाइन, मशीन, सामग्री, अधिक फैब की स्थापना, ATMP/OSAT उद्योग को मजबूत करने, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और प्रतिभा विकास जैसे छह स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मंत्री ने डिजाइन क्षमता पर जोर देते हुए अनुमान लगाया कि ISM 2.0 के तहत कम से कम 200 चिप डिजाइन कंपनियां सामने आएंगी। उन्होंने जानकारी दी कि 105 से अधिक चिप डिजाइन स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स मिले हैं और 20 स्टार्टअप्स ने वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल की है। प्रशिक्षण के मोर्चे पर, 85,000 इंजीनियरों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग 70,000 चिप-डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा, ISM 1.0 के तहत स्वीकृत 12 प्लांटों में से 5 ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
कार्यक्रम के दूसरे दिन भारतीय और वैश्विक साझेदारों के बीच 25 समझौता ज्ञापनों (MoUs) और रणनीतिक सहयोगों की घोषणा की गई। इनमें स्वदेशी सिलिकॉन कार्बाइड पावर तकनीक, डीप-टेक निवेश और कार्यबल विकास जैसे क्षेत्र शामिल थे। विदेश सचिव श्री विक्रम मिसरी ने आत्मनिर्भरता के लिए भरोसेमंद वैश्विक साझेदारी और घरेलू क्षमताओं के मेल की आवश्यकता पर बल दिया।
विभिन्न सत्रों के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग, 3D ICs और चिपलेट्स जैसे तकनीकी बदलावों पर चर्चा हुई। इन्वेस्ट इंडिया की एमडी और सीईओ सुश्री निवृत्ति राय ने मेमोरी, हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और एडवांस्ड पैकेजिंग को भारत के लिए बड़े अवसरों के रूप में बताया। इसके साथ ही, असम, ओडिशा, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों की बुनियादी ढांचागत पहलों और विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला गया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सिंगापुर, यूरोप और दक्षिण कोरिया के साथ अलग-अलग कंट्री राउंडटेबल्स का आयोजन किया गया। इन बैठकों में निवेश, आपूर्ति श्रृंखला के स्थानीयकरण और तकनीक साझेदारी पर चर्चा हुई। सेमीकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन लगभग 16,000 लोगों ने भागीदारी की, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती स्थिति को दर्शाता है।



