स्वच्छ भारत दिवस: वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित करेंगे केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और बी.एल. वर्मा
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त सहायक उपकरण प्रदान करेगा और 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और गरिमा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में आयोजित एक कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा भी उपस्थित रहेंगे।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाय) के माध्यम से नई दिल्ली और एनसीआर के वरिष्ठ नागरिक गृहों में रह रहे 114 बुजुर्गों को 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के कुल 662 सहायक उपकरण और साधन पूरी तरह मुफ्त दिए जाएंगे। इन उपकरणों का चयन सितंबर 2026 में आयोजित असेसमेंट कैंप के दौरान लाभार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर किया गया है। वितरित किए जाने वाले उपकरणों में फोल्डिंग व्हीलचेयर, कमोड व्हीलचेयर, बैसाखियां, वॉकिंग स्टिक, बीटीई हियरिंग एड्स, स्पाइनल सपोर्ट, वॉकर, सर्वाइकल कॉलर, कमोड चेयर, नी ब्रेस, एलएस बेल्ट, ट्राइपॉड/टेट्रापॉड और सिलिकॉन फोम कुशन शामिल हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देश में बुजुर्गों के कल्याण के लिए नोडल विभाग है, जो 'अटल वयो अभ्युदय योजना' (AVYAY) का संचालन करता है। राष्ट्रीय वयोश्री योजना इसी का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसे 'आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया' (ALIMCO) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। यह योजना 1 अप्रैल 2017 को शुरू की गई थी और पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। अब तक देशभर में 10 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को 55 लाख से ज्यादा सहायक उपकरण दिए जा चुके हैं, जिनमें करीब 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्तमान में देश में 109 'प्रधानमंत्री दिव्यशा वयोश्री केंद्र' (PMD-VKs) कार्यरत हैं।
इसके अतिरिक्त, 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर डॉ. वीरेंद्र कुमार 'एक पेड़ मां के नाम' थीम पर आधारित वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व करेंगे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन में आयोजित किया जाएगा। सरकार का यह कदम 'विकसित भारत@2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य समावेशी विकास सुनिश्चित करना और नागरिकों को गरिमा व अच्छे स्वास्थ्य के साथ जीने में सक्षम बनाना है।


