प्रसार भारती की 'पीबी शब्द' सेवा: मीडिया संगठनों को 15 भाषाओं में मिल रही है निःशुल्क समाचार फीड
प्रसार भारती की 'पीबी शब्द' सेवा पंजीकृत मीडिया संगठनों को 15 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट, वीडियो और ऑडियो सहित बहु-प्रारूप समाचार सामग्री निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।

प्रसार भारती ने मीडिया उद्योग के लिए 'पीबी शब्द' (Shared Audio-Visuals for Broadcast and Dissemination) नामक एक निःशुल्क समाचार फीड सेवा शुरू की है। मार्च 2024 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा लॉन्च की गई यह सेवा एक समाचार वायर के रूप में कार्य करती है, जिससे पंजीकृत संगठन 15 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो, फोटोग्राफ और इन्फोग्राफिक्स प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा वर्तमान में 3,600 मीडिया संगठनों को अपनी सेवाएँ प्रदान कर रही है और इसकी निःशुल्क पहुँच को मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया है।
'पीबी शब्द' का विकास प्रसार भारती न्यूज़ सर्विस (PBNS) से हुआ है, जो पहले केवल आकाशवाणी और दूरदर्शन की आंतरिक संपादकीय टीमों के लिए एक संसाधन था। अब इसे एक खुले मल्टीमीडिया समाचार-साझाकरण मंच में बदल दिया गया है। भविष्य के लिए 'पीबी शब्द 2.0' की योजना भी बनाई गई है, जिसमें नए उत्पाद वर्गों और बेहतर सामग्री वितरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस सेवा की एक प्रमुख विशेषता यह है कि उपलब्ध कराई गई सामग्री पर प्रसार भारती का कोई लोगो नहीं होता और इसके लिए किसी क्रेडिट लाइन की आवश्यकता नहीं होती। इससे छोटे और क्षेत्रीय समाचार पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों को अपने स्वयं के मास्टहेड के तहत प्रकाशित कर सकते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया के तहत, वैध RNI प्रमाण-पत्र वाले समाचार पत्र और पत्रिकाएँ, वैध अपलिंक-डाउनलिंक प्रमाण-पत्र वाले टेलीविजन और रेडियो चैनल, तथा पैन कार्ड जमा करने वाले डिजिटल प्रकाशक इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
इस मंच की ताकत प्रसार भारती का व्यापक नेटवर्क है, जिसमें 1,500 से अधिक रिपोर्टर, संवाददाता और स्ट्रिंगर शामिल हैं। सामग्री की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए 60 समर्पित संपादकीय डेस्क चौबीसों घंटे कार्य करते हैं। आकाशवाणी की 46 क्षेत्रीय इकाइयाँ और दूरदर्शन की 31 क्षेत्रीय इकाइयाँ मिलकर लगभग हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को कवर करती हैं। प्रसार भारती के अनुसार, साझा किए जाने से पहले सभी समाचारों को बहु-स्तरीय संपादकीय जाँच प्रक्रिया से गुजारा जाता है ताकि फर्जी या हेरफेर की गई सामग्री को रोका जा सके।



