भारत समुद्री बीमा पूल (BMIP): समुद्री संप्रभुता और वित्तीय स्वतंत्रता की ओर एक बड़ा कदम
मई 2026 में शुरू हुआ भारत समुद्री बीमा पूल (BMIP) विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भरता कम कर भारतीय जहाजों और माल के लिए किफायती एवं संप्रभु कवरेज प्रदान कर रहा है।

भारत ने अपनी समुद्री संप्रभुता को मजबूत करने और विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता कम करने के लिए 'भारत समुद्री बीमा पूल' (BMIP) की शुरुआत की है। इसे 18 अप्रैल 2026 को मंजूरी मिलने के बाद 12 मई 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। इस पूल की कुल क्षमता 13,906.50 करोड़ रुपये (1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है, जिसमें 12,980 करोड़ रुपये (1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की सरकारी गारंटी शामिल है।
बीएमआईपी मुख्य रूप से उन जहाजों को बीमा कवर प्रदान करता है जिनमें भारतीय ध्वज लगा है, या जो भारतीय संस्थाओं के स्वामित्व, प्रबंधन और नियंत्रण में हैं, साथ ही भारत से आने वाले या यहाँ से शुरू होने वाले मालवाहक पोतों के लिए भी यह उपलब्ध है। यह पूल जहाज के ढांचे, मशीनरी, माल, संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (P&I) और युद्ध जोखिमों के लिए घरेलू बीमा कवरेज सुनिश्चित करता है।
इस पहल की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि भारतीय जहाज मालिक काफी हद तक पश्चिमी देशों में स्थित 13 अंतरराष्ट्रीय (P&I) क्लबों पर निर्भर थे, जिससे हर साल 45-60 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रीमियम के रूप में देश से बाहर जाते थे। इसके अतिरिक्त, लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे क्षेत्रों में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण विदेशी बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम बढ़ाए जाने या कवर बंद करने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार प्रभावित हो रहा था।
बीएमआईपी की संरचना और संचालन के संबंध में मुख्य विवरण इस प्रकार हैं: - प्रशासन: 'जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया' (GIC) पूल प्रबंधक के रूप में दैनिक कामकाज संभाल रहा है। - दावा प्रबंधन: 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के दावों का निपटान आरक्षित निधियों से किया जाता है, जबकि बड़े दावों के लिए संप्रभु गारंटी का उपयोग होता है। - अवधि: इस पूल की प्रारंभिक अवधि 10 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 15 वर्ष किया जा सकता है।
बीएमआईपी के कार्यान्वयन के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में लगभग 35 से 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। 7 सितंबर 2026 तक, इस पूल ने 3000 माल युद्ध जोखिम, 92 जलपोत ढांचा युद्ध जोखिम और 3 P&I बीमा पॉलिसियां जारी की हैं।
महत्वपूर्ण उपलब्धियों में 30 जुलाई 2026 को शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को जारी की गई भारत की पहली P&I पॉलिसी शामिल है। इसके अलावा, मेसर्स होगर ऑफशोर एंड मरीन प्राइवेट लिमिटेड, वेदांता स्टरलाइट कॉपर लिमिटेड और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड जैसी कंपनियों को भी विभिन्न श्रेणियों में पॉलिसियां प्रदान की गई हैं, जो यह दर्शाता है कि यह सुविधा केवल जहाज मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आयात-निर्यात करने वाले व्यापारियों के लिए भी उपलब्ध है।

