वस्त्र मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के तहत कचरा प्रबंधन और सतत विकास के लिए चलाया विशेष अभियान
वस्त्र मंत्रालय ने स्वच्छता, सतत विकास और अपशिष्ट से मूल्यवान वस्तुएं बनाने की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थानों के माध्यम से जागरूकता अभियान और गतिविधियां आयोजित कीं।

वस्त्र मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, सतत विकास और 'कचरे से कंचन' की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए व्यापक गतिविधियां आयोजित की हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करना और समुदाय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है।
भारतीय पटसन निगम लिमिटेड (JCI) ने ओडिशा के भद्रक आरएलडी में ‘‘स्वच्छता से समृद्धि - कबाड़ से जुगाड़’’ थीम के तहत कार्यक्रम आयोजित किए। इसके अंतर्गत टीम ने घरों और आसपास के इलाकों से कचरा एकत्र किया और लोगों को रीड्यूस, रीयूज और रीसायकल (RRR) सिद्धांतों के साथ-साथ सिंगल-यूज प्लास्टिक के कम उपयोग के प्रति जागरूक किया। एकत्र किए गए कचरे से निगम के कर्मचारियों ने पेन होल्डर, डस्टबिन, सजावटी सामान, पेपर बैग और कपड़े के बैग जैसी उपयोगी वस्तुएं तैयार कीं, जिन्हें बाद में स्थानीय लोगों में वितरित किया गया।
राष्ट्रीय पटसन बोर्ड (NJB) ने इस अभियान के तहत अपने हाउसकीपिंग कर्मचारियों, मालियों और सफाई मित्रों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। ईएसआईसी अस्पताल के सहयोग से आयोजित इस शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्त परीक्षण और ईसीजी जैसे चिकित्सा मूल्यांकन किए गए, ताकि कार्यस्थल को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों के कल्याण और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय में सफाई मित्रों के साथ मिलकर ‘‘एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को रोकें’’ विषय पर चर्चा और सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि प्लास्टिक बोतलों और अन्य कचरे के प्रबंधन में सुधार हो सके।
वहीं, भारतीय कपास निगम ने 29 सितंबर, 2026 को अपने सभी कार्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को सामग्रियों के पुन: उपयोग और रीसायकल योग्य वस्तुओं के सही संग्रहण के बारे में शिक्षित करना था ताकि संसाधनों का कुशल उपयोग हो सके।
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) ने अपने परिसरों में “स्वच्छ पर्व, हरित पर्व / एक पेड़ मां के नाम” के तहत वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण गतिविधियां चलाईं। इसके अलावा, संस्थान ने “स्वच्छता से समृद्धि – कचरा ही कंचन है और अपशिष्ट से कला” पहल के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों के रचनात्मक पुन: उपयोग, प्लास्टिक रीसायकल और अपशिष्ट से कला निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
