PMGSY चिंतन शिविर: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- गुणवत्ता से समझौता करने वाली एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में 62 हजार किमी नई सड़कों का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर को संबोधित किया। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं से आह्वान किया कि वे इस शिविर को केवल औपचारिक 'कर्मकांड' न रहने दें, बल्कि धरातल पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के ठोस और नवाचारपूर्ण समाधान खोजें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएमजीएसवाई का अगला चरण 'क्वालिटी कनेक्टिविटी' (गुणवत्तापूर्ण संपर्क) पर केंद्रित होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक देश में लगभग 8.50 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएमजीएसवाई के चौथे चरण (PMGSY-IV) के लिए 62 हजार किलोमीटर नई सड़कों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 20 हजार किलोमीटर की स्वीकृति मिल चुकी है।
परियोजनाओं में देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए श्री चौहान ने निर्देश दिया कि स्वीकृति से निर्माण शुरू होने तक की 72 दिनों की समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने और 'प्री-टेंडर प्लानिंग' के माध्यम से बाधाओं को दूर करने को कहा। वन एवं पर्यावरण अनुमतियों (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) के मामले में उन्होंने अधिकारियों को केवल पत्र व्यवहार करने के बजाय व्यक्तिगत फॉलो-अप करने और जिला कलेक्टरों के साथ बैठकर लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया।
निर्माण की गुणवत्ता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि घटिया निर्माण करने वाली एजेंसियों को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे किसी अन्य नाम से दोबारा काम न पा सकें। उन्होंने अधिकारियों को केवल दफ्तरों तक सीमित न रहकर फील्ड में औचक निरीक्षण करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ मजबूत ड्रेनेज, पुलिया और पौधरोपण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि जलवायु परिवर्तन और बाढ़ जैसी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
श्री चौहान ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों की सराहना की। गुणवत्ता में गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान; रखरखाव में पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु को अग्रणी बताया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश को नई तकनीक (FDR) और असम को संपत्तियों की क्यूआर कोडिंग नवाचार के लिए सराहा। उन्होंने घोषणा की कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को आगामी परियोजनाओं में वरीयता और पुरस्कार दिए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने 'लाइफ साइकिल मैनेजमेंट' पर ध्यान केंद्रित करने और निर्माण के बाद 5 साल की गारंटी अवधि के बाद भी मेंटेनेंस के लिए स्थायी वित्तीय व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली, झारखंड और आंध्र प्रदेश के दूरदराज एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर सड़कें बनाने के निर्देश दिए।



