प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व कौशल प्रतियोगिता शंघाई 2026 के प्रतिनिधियों से की चर्चा; कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की तुलना IIT और IIM से की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले टीम इंडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत की और भारत को कुशल मानव संसाधनों का वैश्विक केंद्र बनाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग पर विश्व कौशल प्रतियोगिता, शंघाई 2026 में टीम इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें कौशल विकास का दूत बनने का आग्रह किया।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने व्यावहारिक कौशल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह अकादमिक डिग्री जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है, युवाओं को निरंतर नए कौशल हासिल करने चाहिए, अपनी मौजूदा क्षमताओं को उन्नत करना चाहिए और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कौशल विकास के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित करने के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व IIT और IIM से कम नहीं है।
प्रधानमंत्री ने भारत को कुशल मानव संसाधनों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवाओं, सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार कौशल विकसित करने और अपने अनुभवों के माध्यम से भारत के कौशल प्रशिक्षण इकोसिस्टम को बेहतर बनाने में योगदान देने का आग्रह किया।
प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के दौरान नए उपकरणों, सॉफ्टवेयर, तकनीकी प्रणालियों और कार्य प्रक्रियाओं को अपनाने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विश्व मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व व्यक्त किया और कौशल विकास की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की।
वर्ल्ड स्किल्स शंघाई 2026, जो कि 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता थी, 22 से 27 सितंबर, 2026 तक शंघाई के राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व 70 प्रतियोगियों के अपने अब तक के सबसे बड़े दल द्वारा किया गया, जिन्होंने 63 अलग-अलग कौशल श्रेणियों में भाग लिया। टीम इंडिया ने 6 रजत पदक और उत्कृष्टता के लिए 20 पदक जीतकर समग्र रूप से 10वां स्थान हासिल किया।
इस बातचीत में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
