रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदान किए SIDM चैंपियन पुरस्कार 2026, रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि की सराहना की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने और अनुसंधान एवं विकास में निवेश को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 9 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के आठवें वार्षिक सत्र के दौरान 'एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार 2026' प्रदान किए। इस अवसर पर कुल 15 चैंपियन पुरस्कार दिए गए, जो स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात के विकल्प तैयार करने, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात के क्षेत्र में विभिन्न संगठनों की उपलब्धियों को मान्यता देते हैं।
इस कार्यक्रम की विषयवस्तु “संप्रभु क्षमताएं, विवादित सीमाएं: उथल-पुथल के दौर में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ावा देने” पर केंद्रित थी। रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अब इस बात पर निर्भर करती है कि देश अपनी सेनाओं के लिए आवश्यक तकनीक और उपकरणों को डिजाइन करने, विकसित करने और निर्मित करने में कितना सक्षम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की प्रतिभाशाली मानवशक्ति और औद्योगिक क्षमताएं देश को दुनिया के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने में मदद करेंगी।
रक्षा निर्यात के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। उन्होंने वर्ष 2029 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
रक्षा मंत्री ने निजी क्षेत्र की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को वर्तमान लगभग 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर होने वाले खर्च को एक निवेश के रूप में देखने का आग्रह किया, जो सैन्य तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है।
बदलते युद्ध परिवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल, वायु रक्षा प्रणालियों और सॉफ्टवेयर एवं संचार तकनीकों की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर घरेलू उत्पादन इकाइयों की क्षमता को तेजी से बढ़ाने की जरूरत होगी।
सरकार द्वारा निजी रक्षा उद्योग की क्षमताओं के विस्तार के लिए किए गए नीतिगत सुधारों में रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, रक्षा खरीद नियमावली, सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां, सृजन पोर्टल और रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (iDEX) जैसी पहलों का उल्लेख किया गया। इस कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, महानिदेशक (अधिग्रहण) श्री ए. अनबारासु, SIDM के संस्थापक अध्यक्ष श्री बाबा कल्याणी और अध्यक्ष श्री अरुण रामचंद्रनी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा कंपनियों के प्रमुख उपस्थित थे।
