विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुलभ और समावेशी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति दोहराया संकल्प
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाएगा, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को किफायती और जन-केंद्रित बनाना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाएगा। इस अवसर पर भारत सरकार मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को सुलभ, किफायती, समावेशी और जन-केंद्रित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएगी। इस वर्ष का वैश्विक विषय "लिव्ड एक्सपीरिएन्स हर्ड: रीयल वॉइसेज, रीयल चेंज" है, जो मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों की आवाज़ सुनने और उन्हें नीतियों एवं सेवाओं के निर्माण में शामिल करने के महत्व पर जोर देता है।
भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में 'टेली-मानस' (राज्यों के बीच दूरसंचार मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नेटवर्किंग) एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। 10 अक्टूबर 2022 को शुरू की गई इस सेवा की राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 के माध्यम से मुफ्त, गोपनीय और चौबीसों घंटे मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित 53 केंद्रों के माध्यम से टेली-मानस को कुल 47,75,644 कॉल प्राप्त हुए हैं।
कॉल प्रोफाइल के विश्लेषण से पता चलता है कि सहायता लेने वालों में महिलाओं की भागीदारी 43.78% (5,84,587) और पुरुषों की 54.18% (7,23,427) है। इसके अतिरिक्त, 18-45 वर्ष की आयु के व्यक्ति कुल कॉलर प्रोफाइल का 73.2% हिस्सा हैं। लोग मुख्य रूप से भावनात्मक संकट, तनाव, चिंता, नींद की गड़बड़ी और रिश्तों से संबंधित समस्याओं के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग कर रहे हैं।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर मंत्रालय 'MANN Jaagriti' पहल को भी आगे बढ़ा रहा है। इस सामुदायिक जागरूकता पहल का उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता को मजबूत करना और इससे जुड़े सामाजिक कलंक (स्टिग्मा) को दूर करना है।
डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ, सरकार राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP) और जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) के माध्यम से बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। DMHP को अब तक 767 जिलों में लागू करने की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा, देश के 1.83 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत किया गया है, ताकि प्राथमिक स्तर पर ही समस्याओं की पहचान और उपचार हो सके।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे व्यक्तियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे 14416 टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क और गोपनीय सेवाओं का लाभ उठाएं।
