एनएफएससी योजना से मिली मदद ने बदली मीनाक्षी की जिंदगी, पीएचडी शोधार्थी बनीं अपने समुदाय के लिए प्रेरणा
तेलंगाना के करीमनगर की मीनाक्षी ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (एनएफएससी) योजना के तहत 11 लाख रुपये की सहायता प्राप्त कर अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और सामाजिक सशक्तिकरण का उदाहरण पेश किया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने तेलंगाना के करीमनगर की रहने वाली 36 वर्षीय पीएचडी शोधार्थी मीनाक्षी की सफलता की कहानी साझा की है। अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से आने वाली मीनाक्षी एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में अध्यापन, अनुसंधान और वैज्ञानिक क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक अस्थिरता उनकी उच्च शिक्षा की राह में एक बड़ी बाधा बनी हुई थी।
मीनाक्षी ऐसे समुदाय से संबंधित हैं जहां उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित है, जिसके कारण उन्हें संसाधनों और आत्मविश्वास की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, वर्ष 2022-25 के दौरान, उन्हें 'अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति' (एनएफएससी) योजना के तहत 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस वित्तीय मदद ने उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर किया और उन्हें अपनी उच्च शिक्षा को सफलतापूर्वक जारी रखने और पूरा करने में सक्षम बनाया।
अपनी शैक्षणिक यात्रा और सहायता के लाभों के बारे में बताते हुए मीनाक्षी ने कहा, “एनएफएससी योजना ने मुझे पीएचडी पूरी करने के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता प्रदान की। आज मैं न केवल अपना सपना पूरा कर रही हूं, बल्कि अपने समुदाय के अन्य छात्रों को भी बड़े सपने देखने में मदद कर रही हूं।”
मीनाक्षी की यह उपलब्धि दर्शाती है कि लक्षित आर्थिक सहायता किस प्रकार शैक्षणिक उन्नति और सामाजिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर सकती है। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान उन अन्य छात्रों की शिक्षा में भी योगदान दिया जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते थे। उनकी कहानी ने सामाजिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अन्य छात्रों को आत्मविश्वास के साथ उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।



