द्वारका एक्सप्रेसवे पर वायु प्रदूषण कम करेगा NHAI, 25 डीजल जनरेटरों में लगेंगे उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे के पैकेज-IV में 25 डीजी सेटों पर रेट्रोफिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण स्थापित करेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पर्यावरण संरक्षण उपायों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत द्वारका एक्सप्रेसवे के 8.7 किलोमीटर लंबे पैकेज-IV में तैनात 25 डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों पर रेट्रोफिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण (RECD) स्थापित किए जाएंगे। यह पैकेज बसई को खेरकी धौला/दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के क्लोवरलीफ चौराहे से जोड़ता है।
यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के पालन में उठाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के अंतर्गत, विशेषकर सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना है। चूंकि द्वारका एक्सप्रेसवे का पैकेज-IV इस क्षेत्र में आता है जहाँ सर्दियों में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, इसलिए आयोग ने यहाँ संचालित डीजी सेटों के लिए उत्सर्जन नियंत्रण उपायों को अनिवार्य कर दिया है।
इन रेट्रोफिट उपकरणों का उपयोग एक्सप्रेसवे की प्रकाश व्यवस्था और अन्य संबंधित कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले डीजी सेटों पर किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में आरईसीडी की स्थापना, उनका परीक्षण, चालू करना और व्यापक रखरखाव सहायता प्रदान करना शामिल होगा।
एनएचएआई के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण और संचालन में पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत करने के उनके व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि सत्यापन और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक डीजी सेट पर स्थापित उपकरणों की जीपीएस-टैग वाली तस्वीरें रखी जाएंगी। इस पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना का विस्तार वायु गुणवत्ता मानदंडों और नियामक ढांचे के अनुरूप हो।
